चांदनी
नई दिल्ली. व्रत रखना शारीरिक और मानसिक बीमारियों के लिहाज से बेहद फायदेमंद है। नियमित रूप से हफ्ते में एक व्रत बीमारियों के खिलाफ सेफ्टी वाल का काम करता है।
हार्ट केयर फाउंडेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष डॉ. के के अग्रवाल के मुताबिक़ रोजाना लिये जाने वाले भोजन को एक दिन न लेने से हार्मोन्स अधिक होने के साथ ही मेटाबॉलिज्म भी ज्यादा बनते हैं। व्रत रखना कोई आकस्मिक घटना नहीं है जिसे सिर्फ धार्मिक अवसरों पर न रखकर हफ्ते में एक दिन नियमित तौर पर रखें और जहां तक संभव हो इसके लिए एक विषिश्ट दिन को चुनें।
आध्यात्मिक फायदे के अलावा व्रत रखने से बीमारियों के खिलाफ लड़ने का इम्यून सिस्टम बढ़ता है। पूरे दिन डाइजेस्टिव सिस्टम को आराम मिलने पर शरीर में विषेश तरह के रसायन बनते हैं जो बीमारियों को दूर रखते हैं। व्रत रखने से मन को भी शांति मिलती है। षारीरिक और मानसिक समस्याओं से जूझना, गुस्सा, ईर्ष्या और सभी नकारात्मक विचार स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं, इनसे बचाव के लिए पाचन प्रणाली को आराम देना जरूरी है।
व्रत खत्म करने के समय भारी खाना न लें। व्रत रखने से पहले या उसे तोड़ने के समय भारी भोजन लेने से पेट पर भार पड़ता है और व्रत का फायदा नहीं मिलता। ऐसे लोगों को चाहिए कि वे इस तरह का भोजन लें जिसमें अधिक कैलोरी हो, क्योंकि व्रत की वजह से इसकी ज्यादा जरूरत होती है। जहां एक चपाती में 40 कैलोरी होती है, वहीं अधिकतर मिठाइयों में प्रति 40 ग्राम पर 200 से 300 कैलोरी होती है। मिठाइयों एवं पूडी कचौडी में पाई जाने वाली अधिक कैलोरी से भी रक्त में कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है, जिससे हृदयाघात का खतरा बढ़ जाता है।
