महंगाई से परेशानी !
हवा चबाकर, पी लें पानी ??
बेतहाशा बढ़ीं कीमतें !
आसमान की जगह घरों की, चटक गयी हैं कई छतें !!
कसा शिकंजा !
अब तू दिखा, लड़ाकर पंजा !!
अनशन जारी रहेगा !
भूख पर भारी रहेगा ??
बहिष्कार !
कार्य नहीं करने का सबको, लोकतंत्र में है अधिकार !!
मांगा भुगतान !
भुगत लिया सबसे अपमान ??
परमाणु बम !
अपने इस्तेमाल के डर से, रहती हैं इसकी आंखें नम !!
जागरूकता !
लोगों को जगवाकर बंदा, सोने से नहीं चूकता !!
ईरान !
दुनिया की बातें सुनने को, इस्तेमाल कर ही मत कान !!
व्यापारी !
व्यापारी-नेता बनकर तू, अपने काम करा सरकारी !!
ख़फ़ा !
राजनीति में हो जाता है, इससे अक्सर बड़ा नफ़ा !!
-अतुल मिश्र
अम्मी से हालात का मुक़ाबला करना सीखा
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अम्मी जान कहा करती हैं कि इंसान को कभी बुज़दिल नहीं होना चाहिए. बचपन में
बिजली चली जाती और अंधेरे में हमें दूसरे कमरे में जाने में ख़ौफ़ आता, तो अम्मी
कहती...
