मन करता है
मैं परिन्दा बन
अम्बर को छू लूं
तेज़ हवा के संग
उड़ जाऊं
और
किसी फल से भरे-भरे
पेड़ पे बैठकर एक-एक
करके अनेक फल का
मजा चख
उड़ जाऊं ची चूं का शोर
मचाऊं और
परिन्दों को इकट्ठा कर
तोता ढोलक बजाता है
का गीत सूना सब
परिन्दों को पेड़ पर बुला के
मन चाही बातें कर अम्बर की
सैर पर जाएं चलो आओ
हम पंख लहराएं
अम्बर की ओर उड़ जाएं
-सरफ़राज़ ख़ान
बारिश की उदासी...
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रात से बारिश हो रही है. लड़की को बारिश का मौसम हमेशा से अच्छा लगता है, लेकिन
आज न जाने क्यों वह उदास है. कुछ बरस पहले जब जाड़ों के आख़िर में बारिश हुई थी,...
