नारायण दत्त तिवारी !
हम पर जो आरोप लगे हैं, क्या वैसी है उमर हमारी ??
सत्ता की भूख !
इसके लालच में कब्रों के, मुर्दे तलक गए हैं सूख !!
कब्रिस्तान-विवाद !
मुर्दे बोले,"चैन नहीं है, हमको मरने के भी बाद !! "
चाकू मारा !
चाकू ने अपराध स्वयं का, थाने में जाकर स्वीकारा ??
हरित प्रदेश !
'शुष्क प्रदेश' की मांगें इसके, फ़ौरन बाद करेंगे पेश !!
मुद्दा गरमाया !
तापमान कितना है उसका, मुद्दे ने रोकर समझाया ??
गृहमंत्रालय !
समस्याओं का बना हिमालय !!
पी. चिदंबरम !
बीस नए मंत्रालय अपने, मंत्रालय से बनवाएं हम !!
चौटाला !
आरोपों का जूस निकाला ??
आलोचना !
बाहूबालियों की करने से, पहले भी कुछ सोचना !!
सर्दी !
जाड़ों में ही क्यों करती है, शुरू स्वयं की गुंडागर्दी ??
-अतुल मिश्र
ग़ालिब की डायरी है दस्तंबू
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*फ़िरदौस ख़ान*
हिन्दुस्तान के बेहतरीन शायर मिर्ज़ा ग़ालिब ने उर्दू शायरी को नई ऊंचाई दी.
उनके ज़माने में उर्दू शायरी इश्क़, मुहब्बत, विसाल, हिज्र और हुस्...
