के. परमेश्वरम
किसी भी तीर को यदिलक्ष् बनाकर छोड़ा जाए तो निश्चत रूप से वह सीधा, सुरक्षि और यकीनी तौर पर इच्छि निशाने पर जा लगेगा। इसी प्रकार दूरसंचार मंत्रालय के तहत डाक विभाग ने डाक सेवाओं को तीव्रगामी, सीधे और यकीनी तौर पर लक्ष् तक पहुंचाने के उद्देश् से प्रोजेक् एरोकी परिकल्पना की और इस परियोजना को लागू किया। इस परियोजना के फलस्वरूप ग्राहक डाक सेवाओं के स्तर में नया फर्क महसूस करेंगे।
 तमिलनाडु में अरियालूर देश का पहला डाकघर है जहां प्रोजेक् एरोपहली बार लागू किया गया। दूरसंचार राज् मंत्री श्री डी. राजा ने अगस् 2008 में इस परियोजना का शुभारंभ किया।
प्रोजेक् एरो डाक सेवाओं के एकीकृत आधुनिकीकरण का प्रयास है। इसका उद्देश् ऐसा आधुनिकीकरण है जो डाकघरों द्वारा उपलब् कराई जाने वाली सेवाओं में नज़र आए, महसूस हो और डाक सेवाओं में दक्षता आए। इस परियोजना का उद्देश् डाक विभाग की सेवाओं को सुरक्षि और भरोसे के साथ सीधे लक्ष् तक पहुंचाना भी है। इस परियोजना का नाम प्रोजेक् एरो इसीलि रखा गया है क्योंकितीर सीधा छोड़ा जाए तो निशाने पर ही लगता है।
परियोजना के उद्देश् हासि करने के लि इसे दो खंडों में विभाजि किया गया है। पहले खंड के तहत डाक सेवाओं की ब्रैंडिन्, आधुनि सूचना प्रौद्योगिकी उपकरणों का उपयोग, मानव संसाधनों का एकीकरण और बुनियादी ढांचे का विकास किया जा रहा है। यह खंड मूल रूप से डाक सेवाओं को देखने और महसूस करने के मामले में अच्छी बनाने का प्रयास है।
 इस परियोजना के दूसरे पहलू या खंड का उद्देश् डाक सेवाओं के सभी प्रमुख क्षेत्रों में सुधार करना है। इस प्रकार इसका लक्ष् डाक सेवाओं का आधुनिकीकरण करना तथा -मेल एवं बचत बैंक कार्यों की तरह ज्यादा प्रभावी सेवा बनाना है। प्रोजेक् एरो का मकसद डाक सेवा के स्तर में सुधार करके उन्नत ग्राहक सेवा बनाना है।
इस परियोजना के अंग के रूप में अरियालूर सहि ज्यादातर डाकघरों में डाक घर और उसके सेवा क्षेत्र, ग्राहकों, बैंकिंग विवरण इत्यादिके बारे में बुनियादी दस्तावेज तैयार करने की प्रक्रिया जारी है। ये डाकघर परियोजना के पहले चरण में शामि कि गए हैं। इस खंड के तहत भवनों एवं फर्नीचर जैसे नए और बेहतर बुनियादी ढांचे का भी विकास किया जा रहा है। कर्मचारियों को प्रशिक्षि करना और पर्याप् हार्डवेयर का विकास प्रोजेक् एरो के अन् प्रमुख घटक हैं।
शुरू में प्रोजेक् एरो के प्रायोगि चरण के तहत पचास डाकघरों का चयन किया गया। दूसरे चरण में 450 डाकघरों में यह परियोजना लागू की जाएगी। अंति चरण में 4500 डाकघरों का आधुनिकीकरण करने का इरादा है। इस तरह अंति चरण तक देश के सभी भाग इस परियोजना के दायरे में जाएंगे। इस परियोजना को अगले दो वर्षों में ही 4500 डाकघरों में लागू करने का लक्ष् रखा गया है। दक्षिणी क्षेत्र में अब तक 33 डाकघरों में यह परियोजना लागू की गई है। परियोजना के दायरे में लाने के लि 33 और डाकघरों की पहचान की गई है।
उल्लेखनीय है किप्रोजेक् एरो ग्रीन पहल है। इस परियोजना का उद्देश् काग़ज के उपयोग को न्यूनतम करना है। सभी आंतरि पत्र व्यवहार सिर्फ -मेल के जरि होने के कारण इस परियोजना से पेड़ों और हरियाली के संरक्षण में मदद मिलेगी।
प्रोजेक् एरो का एक और महत्वपूर्ण पहलू यह है किइसमें कार्यक्रम की विशेषता के स्वतंत्र आकलन की अनुमतिहै। इसके लि स्वतंत्र रेटिन् एजेंसी को पांच रेटिन् फार्मूले के इस्तेमाल से प्रोजेक् एरो की सेवाओं की रेटिन् करने के लि अधिकृत किया गया है। कार्यक्रम के तहत श्रेष् उपलब्धिहासि करने वालों को उपयुक् पुरस्कार दिया जाएगा और उनकी सेवाओं का सम्मान किया जाएगा।
प्रोजेक् एरो का अंति उद्देश् डाकघरों की सेवाओं के एकीकरण के लि कार्यकारी मॉडल बनाना है। इस परियोजना से ग्राहक डाक सेवाओं के बारे में निश्चि रूप से कुछ नया महसूस करेंगे।


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