पहली बार प्रवेश  निःशुल्क रखा गया है ताकि अधिक से अधिक सहभागिता हो सके। मेले का उदघाटन माननीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान जी द्वारा किया जाएगा। उनके साथ कतर और स्पेन के उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी इस अवसर पर उपस्थित रहेंगे। 

लाल बिहारी लाल
नई दिल्ली। राष्ट्रीय पुस्तक न्यास (एनबीटी), भारत, शिक्षा मंत्रालय के तत्वावधान में 10-18 जनवरी, 2026 तक भारत मंडपम,  नई दिल्ली में आयोजित विश्व का सबसे बड़ा बी2सी पुस्तक मेला, नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला (NDWBF), अपने 53वें संस्करण के साथ राजधानी में फिर शुरु हो गया है।       

भारत व्यापार संवर्द्धन संगठन इसका सह-आयोजक है। नौ दिनों तक चलने वाले पुस्तक मेले में 35 से अधिक देशों के 1000 से अधिक प्रकाशकों के 3000 से ज्यादा स्टॉल शामिल होंगे। यहाँ 600 से अधिक आयोजनों में 1000 से ज्यादा वक्ता संवाद करेंगे। 20 लाख से अधिक लोगों के इसमें शामिल होने की संभावना है। मेले का उदघाटन माननीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान जी द्वारा किया जाएगा। उनके साथ कतर और स्पेन के उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी इस अवसर पर उपस्थित रहेंगे। 

कॉन्स्टीट्यूशनल क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय पुस्तक न्यास के अध्यक्ष प्रो मिलिंद सुधाकर मराठे ने कहा, “हमने स्वतंत्रता के 75 वर्ष पूरे किए हैं और अपनी सशस्त्र सेनाओं को नमन करते हुए इस बार के पुस्तक मेले की थीम “भारतीय सैन्य इतिहास : शौर्य एवं पराक्रम रखी गई है। स्वतंत्रता के बाद से भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना के साहस, बलिदान और राष्ट्र-निर्माण में उनकी भूमिका के प्रति यह एक सच्ची श्रद्धांजलि है। पहली बार पुस्तक मेला में प्रवेश सभी के लिए निःशुल्क रखा गया है, जो राष्ट्रीय पुस्तक न्यास के पुस्तकों और ज्ञान को सभी के लिए सुलभ बनाने के सिद्धांत को सुदृढ़ करता है।“

राष्ट्रीय पुस्तक न्यास के निदेशक श्री युवराज मलिक ने कहा, “हम पुस्तकों के साथ नए साल की शुरुआत कर रहे हैं। इस बार इसका स्वरूप उल्लेखनीय रूप से विशाल है। इसमें ज्यादा से ज्यादा लोग शामिल हों, युवाओं, जिन्हें हम जेन ज़ी कहते हैं, को किताबों से जोड़ने के लिए मेले में प्रवेश पूरी तरह नि:शुल्क रखा गया है। पुस्तक मेले के अंदर होने वाली किस भी गतिविधि के लिए कोई भी शुल्क नहीं देना पड़ेगा। हम साहित्य, संस्कृति और पुस्तकों का उत्सव मनाने के लिए सभी को आमंत्रित कर रहे हैं।“ 

पत्रकारा वार्ता का मंच साझा कर रहे भारत व्यापार संवर्द्धन संगठन (आईटीपीओ) के आईटीएस, एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर श्री प्रेमजीत लाल ने कहा  “पुस्तक मेला भारत की दो पीढ़ियों को जोड़ने का काम करेगा। पुरानी पीढ़ी के लिए यह पुरानी स्मृतियों को याद करने का मौका देगा, वहीं नई पीढ़ी के लिए यह इतने बड़े पैमाने पर पुस्तकों से जुड़ने का एक नया अवसर प्रदान करेगा।“ नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला 2026 की थीम : “भारतीय सैन्य इतिहास : शौर्य एवं पराक्रम है “।  

इस मंडप में 500 से अधिक पुस्तकें, चयनित प्रदर्शनी, पोस्टर, डॉक्यूमेंट्री और इंस्टॉलेशन प्रदर्शित किए जाएंगे। मुख्य आकर्षणों में अर्जुन टैंक, आईएनएस विक्रांत और एलसीए तेजस की प्रतिकृतियाँ, 21 परमवीर चक्र विजेताओं को श्रद्धांजलि तथा बड़गाम 1947 से लेकर ऑपरेशन सिंदूर तक के प्रमुख युद्धों और सैन्य अभियानों पर सत्र शामिल रहेंगे। 100 से अधिक थीम आधारित कार्यक्रम आयोजित किए जाएँगे, जिनमें समूह चर्चाएँ, पुस्तक विमोचन और रक्षा विशेषज्ञों, लेखकों तथा युद्ध-वीरों द्वारा व्याख्यान शामिल होंगे। युवाओं को विशेष रूप से प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से नायकों, देशभक्ति एवं समर्पण की कहानियां प्रदर्शित की जाएंगी। इसके साथ ही, मेले में वंदे मातरम् के 150 वर्ष और सरदार वल्लभभाई पटेल के जीवन और योगदान को समर्पित विशेष प्रदर्शनियाँ भी प्रस्तुत की जाएँगी।

नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला 2026  में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सशक्त भागीदारी देखने को मिलेगी, जिसमें क़तर सम्मानित अतिथि देश एवं स्पेन फोकस देश के रूप में शामिल होंगे। सम्मानित अतिथि देश के रूप में क़तर की भागीदारी पर बोलते हुए, क़तर के राजदूत, महामहिम श्री मोहम्मद हसन जबीर अल जाबेर ने नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेले को “दुनिया के सबसे प्रमुख सांस्कृतिक मंचों में से एक” बताया।  उन्होंने कहा, “भारत और क़तर दो प्राचीन सभ्यताएँ हैं, जो समृद्ध इतिहास और विविध सांस्कृतिक विरासत की साझा विरासत से जुड़ी हुई हैं। क़तर का मानना है कि पुस्तक केवल ज्ञान का माध्यम नहीं, बल्कि मनुष्य की समझ को बढ़ावा देने वाला एक सशक्त साधन है, जो भौगोलिक, सांस्कृतिक और भाषाई सीमाओं से परे जाकर लोगों को जोड़ता है। यह पुस्तक मेला विचारों के आदान-प्रदान का एक जीवंत मंच होगा और हमें आशा है कि क़तर की भागीदारी इस आयोजन को और समृद्ध करेगी।”

इस मेला में पहली बार, लेखकों, प्रकाशकों और चित्रकारों सहित जापान से 30 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला 2026 में आयोजित इंडिया–जापान पब्लिशर्स मीट एंड ग्रीट कार्यक्रम में भाग लेगा। इसके साथ ही रीडिंग इंडिया संवाद 2026 शीर्षक से दो दिवसीय राष्ट्रीय नेतृत्व संवाद का आयोजन किया जाएगा, जिसमें नीति-निर्माताओं और शिक्षा क्षेत्र के नेताओं को एक साथ लाया जाएगा, ताकि एनईपी 2020 और विकसित भारत @2047 के अनुरूप एक समावेशी, भविष्य के लिए तैयार रीडिंग इकोसिस्टम के निर्माण हेतु पढ़ने को राष्ट्रीय प्राथमिकता के रूप में आगे बढ़ाया जा सके।


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