किसी से अगर दिल लगाने की आदत
मोहब्बत में रख भूल जाने की आदत
जो हँसता रहा तू ज़माने की ख़ातिर
न पड़ जाए आँसू बहाने की आदत
तुम्हें घर बसाने की ज़िद है अगर तो
हमें उम्र तन्हा बिताने की आदत
सभी दिन नहीं एक जैसे जहां में
ग़मों में भी रख मुस्कुराने की आदत
जवां बेटियों पर चलाना हक़ूमत
सदा से है ऊँचे घराने की आदत
मोहब्बत में रख भूल जाने की आदत
जो हँसता रहा तू ज़माने की ख़ातिर
न पड़ जाए आँसू बहाने की आदत
तुम्हें घर बसाने की ज़िद है अगर तो
हमें उम्र तन्हा बिताने की आदत
सभी दिन नहीं एक जैसे जहां में
ग़मों में भी रख मुस्कुराने की आदत
जवां बेटियों पर चलाना हक़ूमत
सदा से है ऊँचे घराने की आदत
-बलजीत सिंह "बेनाम"
बलजीत सिंह "बेनाम"
आकाशवाणी कवि, Raven Cage (Germany) में रचनाएं प्रकाशित
हांसी, हिसार, हरियाणा- 125033
ईमेल : baljeetkumar636363@gmail.com
