कुछ सीढ़ियों का है फ़ासला
वो मिल जाएगा
अपनी शुरुआत का एक सिरा
हाथों में थमा जायेगा
होंगी कुछ बातें हमारे बीच
हमारे आस-पास........
देखते-देखते
फिर होगा कुछ सीढ़ियों का फ़ासला
और वो मिल जाएगा
सिलसिला रुकेगा नहीं
बस हमें थोड़ा रुकना है
आंखों में विश्वास भरकर कहना है
'यह साल तुम्हें ढेरों खुशियां दे जाए'
-रश्मि प्रभा
बारिश की उदासी...
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रात से बारिश हो रही है. लड़की को बारिश का मौसम हमेशा से अच्छा लगता है, लेकिन
आज न जाने क्यों वह उदास है. कुछ बरस पहले जब जाड़ों के आख़िर में बारिश हुई थी,...
