अंबरीश कुमार 
वे भारी जश्न मनाएं .ढोल नगाड़ा बजाएं या पटाखे फोड़ें पर वे भीतर से तो हिल गए  ही है. खासकर जब लोकसभा चुनाव की रणभेरी बजने वाली हो .ध्यान दिया अमित शाह से लेकर मुख्यमंत्री विजय रुपाणी तक ने डेढ़ दर्जन सीटों पर हुई करारी हार का ठीकरा बहुत बारीकी से मोदी के सिर ही फोड़ दिया है. आखिर वे ही तो गुजरात माडल का चेहरा हैं. दिल्ली, बिहार, पंजाब या फिर हिमाचल सब जगह तो ठीकठाक बहुमत मिला.चाहे जो लड़ा हो. पर यह गुजरात में क्या हुआ ? मोदी जैसा चेहरा, डबल इंजन यानी केंद्र से लेकर राज्य तक में उनकी सरकार. आर्थिक बदलाव के बड़े कदम. चारो तरफ विकास ही विकास फिर भी ऐसा विकलांग बहुमत जो मतगणना के दस घंटे बाद तक सौ सीट नीचे ही घूमता रहा हो. तब जब एक प्रधानमंत्री दर्जन भर मुख्यमंत्री, दर्जनों केंद्रीय मंत्री और सैकड़ों सांसद चुनाव में लगे हुए थे. और चुनाव में क्या नहीं हुआ. भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने अपनी प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि इस बार प्रचार बहुत ही निचले स्तर तक पहुंच गया. पर किन शीर्ष नेताओं ने इसे निचले स्तर पर पहुंचाया यह क्या किसी से छुपा हुआ है. क्या नहीं बोला गया गुजरात के चुनाव में. पकिस्तान भी आया तो पाकिस्तानी मुख्यमंत्री भी चर्चा में आया. औरंगजेब भी तो आ गया. और तो और कराची से उड़ा और साबरमती में नर्मदा के उधार पानी पर उतरा वह  'सी प्लेन'  भी विकास का प्रतीक बना जिसे देख की लोग जोर से बोले थे, देखो यह होता है विकास जो लोगों को नहीं दिखता. अब वह विकास भाड़ा लेकर अपने देश जा चुका है . पर अब देश में गुजरात ,गुजरात माडल और गुजराती चेहरा से लेकर प्रचार और दुष्प्रचार पर बहस शुरू होगी.

मोदी देश के ऐसे प्रधानमंत्री हैं जो लगातार चुनाव प्रचार में लगे हुए हैं .वे जीते हैं तो हारे भी हैं .दिल्ली से लेकर बिहार पंजाब जैसे राज्य में हारे है .पर अब तक के सारे चुनाव में गुजरात ही ऐसा चुनाव है जो मोदी की प्रतिष्ठा से जुड़ा हुआ था .इस राज्य को देश विदेश में विकासका प्रतीक माना जाता है .इस राज्य के चुनाव के लिए पार्टी ने लक्ष्य रखा था डेढ़ सौ सीट .पर लक्ष्य से पार्टी पचास सीट पीछे रहकर अगर बार बार वोट प्रतिशत में इजाफा होने का तर्क दे तो वह गले से नीचे नहीं उतरता .मोदी ने गुजरात में विकास का एजंडा ही किनारे कर दिया था .वे मंदिर लाए ,मस्जिद लाए और ले आए औरंगजेब .फिर भी लगा माहौल नहीं बना तो पाकिस्तान को भी ले आए औए फंसा डाला मनमोहनसिंह से लेकर पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल कपूर तक को .पर इससे भी तो सम्मानजनक बहुमत नहीं मिला .साफ़ है करिश्मा उतार पर है .मोदी को भी समझ आ गया है भले ही भाजपाई चाहे जितना जश्न मना लें .उस गुजरात माडल की हवा तो गुजरात में ही निकल गई जिस गुब्बारे को देश भर में ये फुलाते थे .
गुजरात से विपक्ष को बहुत कुछ मिला भी है .तीन नौजवानों का वह चेहरा सामने आया है जिसने भाजपा को इस चुनाव में परेशान कर दिया था .अल्पेश ,जिग्नेश और हार्दिक पटेल की तिकड़ी राहुल गांधी के लिए बड़ी उपलब्धि है .राहुल गांधी ने रणनीति बना कर यह चुनाव लड़ा और मुकाबला भी हौंसला बढाने वाला ही था .उत्तर प्रदेश में गठबंधन के बावजूद कांग्रेस ने गुजरात में क्यों नहीं सपा बसपा को जोड़ा जिसने बहुत सीटों पर वोट कटवा की भूमिका निभा कर भाजपा की मदद की वर्ना तस्वीर बदल गई होती .पर अभी वक्त है .राहुल भी कुछ मंथन करे तो भाजपा भी .यही इस चुनाव का संदेश है .


أنا أحب محم صَلَّى ٱللّٰهُ عَلَيْهِ وَآلِهِ وَسَلَّمَ

أنا أحب محم صَلَّى ٱللّٰهُ عَلَيْهِ وَآلِهِ وَسَلَّمَ
I Love Muhammad Sallallahu Alaihi Wasallam

फ़िरदौस ख़ान का फ़हम अल क़ुरआन पढ़ने के लिए तस्वीर पर क्लिक करें

या हुसैन

या हुसैन

फ़िरदौस ख़ान की क़लम से

Star Web Media

सत्तार अहमद ख़ान

सत्तार अहमद ख़ान
संस्थापक- स्टार न्यूज़ एजेंसी

ई-अख़बार पढ़ें

ब्लॉग

  • नजूमी... - कुछ अरसे पहले की बात है... हमें एक नजूमी मिला, जिसकी बातों में सहर था... उसके बात करने का अंदाज़ बहुत दिलकश था... कुछ ऐसा कि कोई परेशान हाल शख़्स उससे बा...
  • कटा फटा दरूद मत पढ़ो - *डॉ. बहार चिश्ती नियामतपुरी *रसूले-करीमص अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया कि मेरे पास कटा फटा दरूद मत भेजो। इस हदीसे-मुबारक का मतलब कि तुम कटा फटा यानी कटा उसे क...
  • Dr. Firdaus Khan - Dr. Firdaus Khan is an Islamic scholar, poetess, author, essayist, journalist, editor and translator. She is called the princess of the island of the wo...
  • میرے محبوب - بزرگروں سے سناہے کہ شاعروں کی بخشش نہیں ہوتی وجہ، وہ اپنے محبوب کو خدا بنا دیتے ہیں اور اسلام میں اللہ کے برابر کسی کو رکھنا شِرک یعنی ایسا گناہ مانا جات...
  • इंदिरा गांधी हिम्मत और कामयाबी की दास्तां - *डॉ. फ़िरदौस ख़ान* ’लौह महिला’ के नाम से मशहूर इंदिरा गांधी न सिर्फ़ भारतीय राजनीति पर छाई रहीं, बल्कि विश्व राजनीति के क्षितिज पर भी सूरज की तरह चमकीं. उनकी ...
  • 25 सूरह अल फ़ुरक़ान - सूरह अल फ़ुरक़ान मक्का में नाज़िल हुई और इसकी 77 आयतें हैं. *अल्लाह के नाम से शुरू, जो बड़ा मेहरबान निहायत रहम वाला है*1. वह अल्लाह बड़ा ही बाबरकत है, जिसने हक़ ...
  • ਅੱਜ ਆਖਾਂ ਵਾਰਿਸ ਸ਼ਾਹ ਨੂੰ - ਅੱਜ ਆਖਾਂ ਵਾਰਿਸ ਸ਼ਾਹ ਨੂੰ ਕਿਤੋਂ ਕਬੱਰਾਂ ਵਿਚੋਂ ਬੋਲ ਤੇ ਅੱਜ ਕਿਤਾਬੇ-ਇਸ਼ਕ ਦਾ ਕੋਈ ਅਗਲਾ ਵਰਕਾ ਫੋਲ ਇਕ ਰੋਈ ਸੀ ਧੀ ਪੰਜਾਬ ਦੀ ਤੂੰ ਲਿਖ ਲਿਖ ਮਾਰੇ ਵੈਨ ਅੱਜ ਲੱਖਾਂ ਧੀਆਂ ਰੋਂਦੀਆਂ ਤ...

एक झलक

Followers

Search

Subscribe via email

Enter your email address:

Delivered by FeedBurner

साभार

इसमें शामिल ज़्यादातर तस्वीरें गूगल से साभार ली गई हैं