नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास में गुरुवार को एक विशेष शोक पुस्तिका रखी गई, जिसमें भारत सरकार की ओर से विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने हस्ताक्षर कर ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह सैयद अली ख़ामेनेई की शहादत पर संवेदना जताई. ख़ामेनेई की शहादत गुज़श्ता 28 फ़रवरी को उस वक़्त हुई थी, जब अमेरिका और इज़रायल ने ईरान के ख़िलाफ़ संयुक्त सैन्य कार्रवाई शुरू की थी. ख़ामेनेई की शहादत पर पांच दिन बाद भारत की तरफ़ से कोई रुख़ सामने आया है.
भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी गुरुवार को ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची से फ़ोन पर बात की. बताया जा रहा है कि दोनों देशों के नेताओं के दरमियान इस बात को लेकर चर्चा हुई कि मिडिल ईस्ट में बिगड़ते हालात को कैसे संभाला जाए.
तस्वीर गूगल से साभार
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