ब्लॉग वार्ता : लफ़्ज़ों के जज़ीरे की शहज़ादी
अमरुद का पेड़
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सच... बचपन बहुत ही प्यारा होता है. बचपन में छोटी-छोटी बातों में भी हम बहुत
ख़ुश हो जाते हैं. हमारा ददिहाल वाला घर बहुत बड़ा था. उसमें बड़े-बड़े कमरे, बड़ा
दाल...
