नई दिल्ली. हमने बहुत सारी ऐसी लड़कियों को मुक्त करवाया, जिन्हें झारखंड, छतीसगढ़, मध्यप्रदेश, पश्चिम बंगाल आदि राज्यों से बहला-फुसलाकर दिल्ली लाया जाता है,जिन्हें जबरन घरेलू नौकरानी की तरह रखा जाता है और ठीकठाक मज़दूरी देना तो दूर, उल्टे उन्हें प्रताड़ित किया जाता है.
यह बात शनिवार को सन्निधि परिसर में काकासाहेब कालेलकर समाजसेवा सम्मान लेने के बाद सुनीता रानी मिंज ने कही. उन्हें यह  सम्मान समारोह के मुख्य अतिथि और जनसत्ता के संपादक मुकेश भारद्वाज ने दिया. इस मौक़े पर गांधी स्मृति और दर्शन समिति के निदेशक दीपंकर श्रीज्ञान और मुंबई की युवा साहित्यकार रीता दास राम, गांधी शांति प्रतिष्ठान के सचिव अशोक कुमार विशिष्ठ अतिथि के रूप में मौजूद थे. समारोध की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार डॉ गंगेश गुंजन ने की.
गांधी हिन्दुस्तानी साहित्य सभा,विष्णु प्रभाकर प्रतिष्ठान और वर्मा न्यूज एजेंसी हिसार की ओर से आयोजित इस समारोह मेें काका साहेब कालेलकर समाजसेवा सम्मान पूर्वी चंपारण के दिग्विजय कुमार को दिया गया, जिन्होंने बापू की कर्मस्थली में महिलाओं और बच्चों के जीवन स्तर को उंचा उठाने के लिए उल्लेखनीय काम किया है. जेएनयू में नए रचनाकारों के लिए मासिक संगोष्ठी का संचालन करने और गांवो में जनपुस्तकालय अभियान चलाने के लिए बहादुर मीरापोर को साहित्य के लिए और जल पर केन्द्रित लेखन पर पत्रकारिता के लिए मीनाक्षी अरोड़ा को काका साहेब कालेलकर सम्मान दिया गया. इस मौक़े पर महाराष्ट्र के धुले ज़िले में आदिवासियों के बीच शिक्षण कार्य के लिए शिक्षा सम्मान डॉ. मृदुला वर्मा को दिया गया. इन सभी ने अपने उद्गार में मिले सम्मान को जीवन को सकारात्मक दिशा में बदलाव के लिए प्रेरक बताया.
समारोह में मुख्य अतिथि मुकेश भारद्वाज ने सम्मानित युवाओं को बधाई देते हुए कहा कि  काकासाहेब कालेलकर का लेखन हमें प्रेरित करता है कि समाचार पत्र में हम ऐसी भाषा लिखें जो आम आदमी के लिए भी बोधगम्य हो. समारोह का संचालन प्रसून लतांत और किरण आर्या ने किया, जबकि कार्यक्रम के मक़सद को अतुलप प्रभाकर ने उजागर किया.वर्मा न्यूज एजेंशी की निदेशक  वीणा ने धन्यवाद ज्ञापन किया. इस मौक़े पर वरिष्ठ कवि इब्बार रब्बी, समाजकर्मी कुसुम शाह, राजेन्द्र रवि,अमृता शर्मा, कुमार कृष्णन के साथ नंदना किशोर, प्रेरणा झा मौजूद थे. समरोह में मनीष मुधुकर, महिमाश्री,एकता पाठक कुणाल सिफर, उर्मिला माधव, देवनागर की ग़ज़लों की धूम रही.


أنا أحب محم صَلَّى ٱللّٰهُ عَلَيْهِ وَآلِهِ وَسَلَّمَ

أنا أحب محم صَلَّى ٱللّٰهُ عَلَيْهِ وَآلِهِ وَسَلَّمَ
I Love Muhammad Sallallahu Alaihi Wasallam

फ़िरदौस ख़ान का फ़हम अल क़ुरआन पढ़ने के लिए तस्वीर पर क्लिक करें

या हुसैन

या हुसैन

फ़िरदौस ख़ान की क़लम से

Star Web Media

सत्तार अहमद ख़ान

सत्तार अहमद ख़ान
संस्थापक- स्टार न्यूज़ एजेंसी

ई-अख़बार पढ़ें

ब्लॉग

एक झलक

Followers

Search

Subscribe via email

Enter your email address:

Delivered by FeedBurner

साभार

इसमें शामिल ज़्यादातर तस्वीरें गूगल से साभार ली गई हैं