दुनिया के कई इस्लामी देशों ने सार्वजनिक जगहों पर क्रिसमस मनाने पर पाबंदी लगा दी है.  इनमें सऊदी अरब, सोमालिया, ब्रुनेई और  ताजिकिस्तान शामिल हैं. इस देशों का मानना है कि सार्वजनिक तौर पर क्रिसमस मनाए जाने पर मुसलमान भी जश्न में शिरकत कर सकते हैं, जिससे उनके ईमान को ख़तरा है.
दुनिया के चौथे सबसे अमीर देश ब्रुनेई ने सार्वजनिक जगहों पर क्रिसमस मनाने पर पाबंदी लगा दी है. सुल्तान हसनल ने चेतावनी दी है कि कोई भी मुसलमान ऐसा करते दिखा, तो उसे पांच साल की जेल होगी. इसके अलावा 20 हज़ार डॉलर (लगभग 13 लाख रुपये) जुर्माना भी हो सकता है. नए आदेश के तहत कोई भी मुसलमान कार्यालय या सार्वजनिक जगहों पर क्रिसमस सेलिब्रेट नहीं कर पाएगा. सुल्तान का मानना है कि ऐसा करने से मुसलमान भटक जाएंगे. सुल्तान ने यह भी चेतावनी दी है कि अगर कोई मुसलमान इसकी मुबारकबाद देता हुआ भी पाया गया या सांता टोपी पहने दिखा तो उसे भी सज़ा मिलेगी.
ग़ैर-मुसलमानों को हिदायत दी गई है कि वो बेशक क्रिसमस मनाएं, पर सेलिब्रेशन प्लान मुसलमानों से शेयर न करें. कथित तौर पर धार्मिक मामलों के डिपार्टमेंट ने मार्केट में क्रिसमस डेकोरेशन्स (सेंटा कैप और ग्रीटिंग्स) संबंधी चीज़ें वितरित न करने को कहा है. स्थानीय इमामों ने भी पाबंदी का समर्थन किया है. उनके मुताबिक़, कोई भी मुसलमान अगर ईसाई धर्म की मान्यताओं में हिस्सा लेगा या उनकी चीज़ों को सराहेगा वो इस्लाम के मत के ख़िलाफ़ होगा. ग़ौरतलब है कि ब्रुनेई की कुल आबादी 420,000 है. यहां 65 फ़ीसद आबादी मुसलमानों की है.  वहीं, तक़रीबन 20 फ़ीसद आबादी ग़ैर मुसलमान, बौद्ध और क्रिश्चियन समुदाय की है.

सोमालिया सरकार ने भी क्रिसमस का जश्न मनाने पर रोक लगा दी है. सरकार ने चेताया कि इससे देश की मुस्लिम आस्थाओं को ख़तरा हो सकता है. धार्मिक मामलों के मंत्रालय के एक अधिकारी के मुताबिक़ यह पर्व किसी भी तरह से इस्लाम से जुड़ा हुआ नहीं है.
सुरक्षाकर्मियों को ऐसे किसी भी जश्न पर नज़र रखने की हिदायत दी गई है. हालांकि पर्यटकों को अपने घरों में जश्न मनाने की छूट है, लेकिन होटल और सार्वजनिक स्थलों पर इसकी मनाही है. सोमालिया ने साल 2009 में शरिया क़ानून अपनाया था, जिसके बाद यहां बड़े पैमाने पर क्रिसमस नहीं मनाया जाता. फिर भी अब तक कुछ जगहों पर क्रिसमस के जश्न होते थे, लेकिन अब वे भी बंद हो जाएंगे.

इस पाबंदी का विरोध शुरू हो गया है. लोग MyTreedom हैशटैग लगाकर विरोध दर्ज करा रहे हैं



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