"आतंकवाद का स्थाई हल निकाला जाए !"
अभी कुछ दिनों टाला जाए ??
ईनाम की घोषणा पर विचार !
कब तक कर लें, अबकी बार ??
भारत-पाक वार्ता !
तू अपनी ग़लती क्यों नहीं स्वीकारता ??
जांच का इंतज़ार !
कब तक जुड़वा देंगे तार ??
सुराग की तलाश !
खुद आकर मिल जाता, काश !!
महंगाई रोको !
रुकने से पहले मत टोको !!
शक की सुई !
अंदाज़े से किधर हुई ??
कई लुटे !
रपट लिखाकर थाने से वे, कपड़े देकर साफ़ छुटे !!
सिफ़ारिश !
कि पड़ोस में ना हो बारिश !!
मुक़दमा !
न्याय, रिश्वत, बिक्री, सदमा !!
बवाल !
क्यूं होते हैं, वजह निकाल !!
-अतुल मिश्र
पापा की बरसी
-
ज़िन्दगी में कुछ वाक़ियात ऐसे हुआ करते हैं, जो इंसान को भीतर से तोड़ देते हैं.
पापा का जाना भी एक ऐसा ही वाक़िया है. कहते हैं कि किसी लड़की का किसी मर्द से
प...
