चांदनी
नई दिल्ली. नियमित रूप से पॉलीफेनॉल से भरपूर कोको के उत्पाद जैसे कि डार्क चॉकलेट लेने को ब्लड प्रेशर में कमी के तौर पर जाना जाता है ऐसा होने पर यदि इससे कुल कैलोरी लेने में बढ़ोतरी नहीं होती है तो। ब्लड प्रेशर को काबू करने के लिए ड्रग ट्रीटमेंट आधार होता है और हमेशा इसके लिए जीवन शैली के मापकों को अपनाया जाता है जैसे कि व्यायाम करना और सही खुराक लेना।

हार्ट केयर फाउंडेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष डॉ. के के अग्रवाल के मुताबिक़ एक कभी किसी मौके पर एक कप कोका लें, पर चॉकलेट मिल्क नहीं क्योंकि इसमें शुगर और फैट बहुत ज्यादा होता है।

जर्मन के शोधकर्ता डॉ. डर्क टॉबर्ट, यूनिवर्सिटी हास्पिटल ऑफ कोलोग्ने ने मेडिकल साहित्य के लिए सर्वे किया, इसमें उन्होंने पाया कि कोको से भरपूर उत्पाद लेने वालों में जो चाय नहीं लेते उनके उच्च रक्तचाप में कमी हुई। इसमें उन्होंने कोको पर किये गए 10 अध्ययनों को शामिल किया, जिसमें 173 लोगों ने हिस्सा लिया साथ ही पांच चाय के अध्ययनों को षामिल किया जिसमें 343 लोगों को शामिल किया। कोको अध्ययन ओसतन दो हफ्तों तक किया जिसमें पांच में से चार लोगों में सिस्टॉलिक और डायस्टॉलिक दोनों ही ब्लड प्रेशर में कमी दर्ज की गई।

औसतन यह कमी सिस्टॉलिक प्रेशर में 4 से 5 mm Hg रही जबकि डायस्टॉलिक में 2 से 3 mm Hg रही। इससे स्ट्रोक के खतरे में 20 फीसदी और कोरोनरी हार्ट डिसीज के खतरे में 10 फीसदी की कमी दर्ज की गई। ब्लड प्रेशर में ऐसी कमी किसी भी चाय लेने के अध्ययन में नहीं दर्ज की गई जिसको चार हफ्तों तक अपनाया गया। चाय और कोको में अलग-अलग तरह के पॉलीफेनॉल- चाय में फ्लेवन-3-ओल्स, जबकि कोको में प्रोस्यानिड्स होते हैं।


أنا أحب محم صَلَّى ٱللّٰهُ عَلَيْهِ وَآلِهِ وَسَلَّمَ

أنا أحب محم صَلَّى ٱللّٰهُ عَلَيْهِ وَآلِهِ وَسَلَّمَ
I Love Muhammad Sallallahu Alaihi Wasallam

फ़िरदौस ख़ान का फ़हम अल क़ुरआन पढ़ने के लिए तस्वीर पर क्लिक करें

या हुसैन

या हुसैन

फ़िरदौस ख़ान की क़लम से

Star Web Media

सत्तार अहमद ख़ान

सत्तार अहमद ख़ान
संस्थापक- स्टार न्यूज़ एजेंसी

ई-अख़बार पढ़ें

ब्लॉग

एक झलक

Followers

Search

Subscribe via email

Enter your email address:

Delivered by FeedBurner

साभार

इसमें शामिल ज़्यादातर तस्वीरें गूगल से साभार ली गई हैं