जगदीश्‍वर चतुर्वेदी
इंटरनेट की स्वतंत्रता को अब तक सर्वसत्तावादी समाजों में ही राजनीतिक दबाब झेलने पड़ रहे थे लेकिन कल अमेरिका में वाशिंगटन डीसी की निचली अदालत ने करारा झटका दिया है। इंटरनेट के संदर्भ में अमेरिका की अदालतों और प्रशासन के रुझान का सारी दुनिया के लिए बड़ा महत्व है। कल ‘कॉमकास्ट’ के मामले में निचली अदालत ने कहा है कि अमेरिका के फेडरल कम्युनिकेशन कमीशन के पास मौजूदा कानूनों के तहत इंटरनेट के संचालन और नियंत्रण के पर्याप्त अधिकार नहीं हैं। इसके कारण यह संस्था किसी अवांछित बेवसाइट या बेव सेवा संचालक के ट्रैफिक का प्रसारण या संचार नियमित और नियंत्रित नहीं कर सकती।

निचली अदालत के इस फैसले से नेट तटस्थता के निर्माण के लिए फेडरल कम्युनिकेशन कमीशन के द्वारा किए गए प्रयासों को करारा झटका लगा है। अदालत ने कॉमकास्ट के पक्ष में अपना फैसला सुनाया है। उल्लेखनीय है कि इंटरनेट सेवा देने वाली कॉमकॉस्ट ने सन् 2007 में बिट टोरेंट नामक कंपनी के नेट ट्रैफिक को बाधित किया था और नेट संचार रोक दिया था। कॉमकॉस्ट के इस फैसले के खिलाफ फेडरल कम्युन्केशन कमीशन ने कदम उठाए थे और फैसला भी दिया था,इस फैसले को कॉमकास्ट ने चुनौती दी थी,निचली अदालत में लंबी कानूनी जंग के बाद यह फैसला आया है।

इस फैसले का यह असर हो सकता है कि फेडरल कम्युनिकेशन कमीशन इंटरनेट की तटस्थता को बनाए रखने के बारे में जो प्रयास कर रहा था वे सफल ही नहीं हो पाएंगे। कमीशन ऐसे प्रावधान तैयार करने में लगा हुआ था जिससे नेट कंपनियां किसी भी किस्म के नेट संचार को बाधित नहीं कर सकती थीं। लेकिन अदालत के नए फैसले ने नेट कंपनियों को नेट संचार को रोकने का एक तरह से खुला लाईसेंस दे दिया है। यह नेट की स्वतंत्रता के लिए संघर्ष करने वालों के लिए करारा झटका है। कमीशन यह प्रयास कर रहा था कि नेट कंपनियों के फैसलों से नेट की तटस्थता प्रभावित न हो। यह माना जा रहा है कि हाल ही मे फेडरल कमीशन ने जो ब्राडबैण्ड योजना तैयार की है उसे भी लागू करना आसान नहीं होगा। इसका अर्थ यह भी है कि फेडरल कम्युनिकेशन कमीशन अब किसी भी नेट सेवा कंनी को बेवसाइट को रोकने से रोक नहीं सकेगा। यानी कंपनियां सरकारी नियत्रण के बाहर अपनी मनमानी करने के लिए स्वतंत्र होंगी। इसका अर्थ यह भी है कि नेट उपभोक्ता की प्राइवेसी अब असुरक्षित है। कंपनियां प्राइवेसी के मामले में कुछ भी करेंगी। उल्लेखनीय है चीन में नेट कंपनियों ने प्राइवेसी का उल्लंघन करते हुए चीन प्रशासन के खिलाफ संघर्ष करने वालों की सभी सूचनाएं, ईमेल और पते वगैरह दे दिए जिसके आधार पर सैंकड़ों मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को चीन प्रशासन ने गिरफ्तार कर लिया। अमेरिका में बड़े पैमाने पर कारपोरेट घरानों के नियंत्रण से इंटरनेट को मुक्त कराने का आंदेलन चल रहा है हमें भी इस संघर्ष में उन सभी ताकतों का साथ देना चाहिए जो संघर्ष कर रहे हैं। हमें भी अपने नेटबंधुओं को नेट स्वतंत्रता के पक्ष में गोलबंद करना चाहिए।
(लेखक वामपंथी चिंतक और कलकत्‍ता वि‍श्‍ववि‍द्यालय के हि‍न्‍दी वि‍भाग में प्रोफेसर हैं)


أنا أحب محم صَلَّى ٱللّٰهُ عَلَيْهِ وَآلِهِ وَسَلَّمَ

أنا أحب محم صَلَّى ٱللّٰهُ عَلَيْهِ وَآلِهِ وَسَلَّمَ
I Love Muhammad Sallallahu Alaihi Wasallam

फ़िरदौस ख़ान का फ़हम अल क़ुरआन पढ़ने के लिए तस्वीर पर क्लिक करें

या हुसैन

या हुसैन

फ़िरदौस ख़ान की क़लम से

Star Web Media

सत्तार अहमद ख़ान

सत्तार अहमद ख़ान
संस्थापक- स्टार न्यूज़ एजेंसी

ई-अख़बार पढ़ें

ब्लॉग

एक झलक

Followers

Search

Subscribe via email

Enter your email address:

Delivered by FeedBurner

साभार

इसमें शामिल ज़्यादातर तस्वीरें गूगल से साभार ली गई हैं