जब हज़रत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम कर्बला पहुंचे, तब मुस्लिम बिन औसजा रज़ियल्लाहु अन्हु उनके साथ थे. आपकी उम्र 80 साल से ज़्यादा थी. सफ़ेद दाढ़ी होने के बावजूद जंग के मैदान में सबसे आगे थे. आशूरा के दिन मुस्लिम बिन औसजा रज़ियल्लाहु अन्हु ने यज़ीदी फ़ौज के ख़िलाफ़ बहुत बहादुरी से जंग लड़ी. रिवायतों के मुताबिक़ आपने कर्बला में पहली क़तार में होकर दुश्मनों का मुक़ाबला किया. दुश्मन की फ़ौज उनके दबाव को बर्दाश्त नहीं कर सकी. जब आप ज़ख़्मी होकर ज़मीन पर गिरे, तो हज़रत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम और हबीब इब्न मज़ाहिर रज़ियल्लाहु अन्हु आपके पास पहुंचे. हजरत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम ने फ़रमाया- ऐ मुस्लिम अल्लाह तुम पर रहम करे और इसी हालत में आपने शहादत पाई.
हमारी हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत की साधना
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संगीत प्रकृति के कण-कण में बसा है. चिड़ियों की चहचहाहट, नदियों का कल-कल करता
जल, झरनों की झर-झर, हवा की सांय-सांय और रिमझिम बूंदों की टिप-टिप. सभी में
संग...
